भारत में 1950 से लेकर 2025 तक के सभी राष्ट्रपतियों के नाम
अब तक भारत में कुल 15 राष्ट्रपति हो चुके हैं। नीचे दी गई सूची में 1950 से लेकर 2025 तक के सभी राष्ट्रपतियों के नाम और उनके कार्यकाल दिए गए हैं ।
| क्रमांक | राष्ट्रपति का नाम | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | डॉ. राजेंद्र प्रसाद | 26 जनवरी 1950 – 13 मई 1962 |
| 2 | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 13 मई 1962 – 13 मई 1967 |
| 3 | डॉ. जाकिर हुसैन | 13 मई 1967 – 3 मई 1969 |
| 4 | वराहगिरी वेंकट गिरि | 24 अगस्त 1969 – 24 अगस्त 1974 |
| 5 | फखरुद्दीन अली अहमद | 24 अगस्त 1974 – 11 फरवरी 1977 |
| 6 | नीलम संजीव रेड्डी | 25 जुलाई 1977 – 25 जुलाई 1982 |
| 7 | ज्ञानी जैल सिंह | 25 जुलाई 1982 – 25 जुलाई 1987 |
| 8 | रामास्वामी वेंकटरमण | 25 जुलाई 1987 – 25 जुलाई 1992 |
| 9 | डॉ. शंकर दयाल शर्मा | 25 जुलाई 1992 – 25 जुलाई 1997 |
| 10 | कोचरिल रमन नारायणन | 25 जुलाई 1997 – 25 जुलाई 2002 |
| 11 | डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | 25 जुलाई 2002 – 25 जुलाई 2007 |
| 12 | प्रतिभा देवीसिंह पाटिल | 25 जुलाई 2007 – 25 जुलाई 2012 |
| 13 | प्रणब मुखर्जी | 25 जुलाई 2012 – 25 जुलाई 2017 |
| 14 | राम नाथ कोविन्द | 25 जुलाई 2017 – 21 जुलाई 2022 |
| 15 | द्रौपदी मुर्मू | 21 जुलाई 2022 – वर्तमान |
द्रौपदी मुर्मू वर्तमान में भारत की 15वीं राष्ट्रपति हैं। वे भारत की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति भी हैं, जिन्होंने जुलाई 2022 में पदभार ग्रहण किया ।
यह तालिका 1950 से 2025 तक भारत के सभी राष्ट्रपतियों की विस्तृत सूची प्रस्तुत करती है, जिसमें उनके नाम, जन्म वर्ष, और कार्यकाल शामिल हैं
| क्रमांक | राष्ट्रपति का नाम | जन्म वर्ष | कार्यकाल |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. राजेंद्र प्रसाद | 1884 | 26 जनवरी 1950 – 13 मई 1962 |
| 2 | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 1888 | 13 मई 1962 – 13 मई 1967 |
| 3 | डॉ. जाकिर हुसैन | 1897 | 13 मई 1967 – 3 मई 1969 |
| 4 | वराहगिरी वेंकट गिरि | 1894 | 24 अगस्त 1969 – 24 अगस्त 1974 |
| 5 | फखरुद्दीन अली अहमद | 1905 | 24 अगस्त 1974 – 11 फरवरी 1977 |
| 6 | नीलम संजीव रेड्डी | 1913 | 25 जुलाई 1977 – 25 जुलाई 1982 |
| 7 | ज्ञानी जैल सिंह | 1916 | 25 जुलाई 1982 – 25 जुलाई 1987 |
| 8 | रामास्वामी वेंकटरमण | 1910 | 25 जुलाई 1987 – 25 जुलाई 1992 |
| 9 | डॉ. शंकर दयाल शर्मा | 1918 | 25 जुलाई 1992 – 25 जुलाई 1997 |
| 10 | कोचरिल रमन नारायणन | 1921 | 25 जुलाई 1997 – 25 जुलाई 2002 |
| 11 | डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | 1931 | 25 जुलाई 2002 – 25 जुलाई 2007 |
| 12 | प्रतिभा देवीसिंह पाटिल | 1934 | 25 जुलाई 2007 – 25 जुलाई 2012 |
| 13 | प्रणब मुखर्जी | 1935 | 25 जुलाई 2012 – 25 जुलाई 2017 |
| 14 | राम नाथ कोविन्द | 1945 | 25 जुलाई 2017 – 21 जुलाई 2022 |
| 15 | द्रौपदी मुर्मू | 1958 | 21 जुलाई 2022 – वर्तमान |
द्रौपदी मुर्मू वर्तमान में भारत की राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने 25 जुलाई 2022 को पदभार संभाला और वे भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं
महिला राष्ट्रपतियों और उनके उल्लेखनीय कार्य क्या रहे
भारत की अब तक दो महिला राष्ट्रपति रही हैं — प्रतिभा देवीसिंह पाटिल और द्रौपदी मुर्मू। दोनों ने भारतीय राजनीति में नई दिशाएँ और प्रेरणा का कार्य किया है ।
1. प्रतिभा देवीसिंह पाटिल (2007–2012)
पहचान: भारत की पहली महिला राष्ट्रपति और 12वीं राष्ट्रपति।
जन्म: 19 दिसंबर 1934, जलगांव (महाराष्ट्र)।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ी रहीं और राजस्थान की राज्यपाल भी रहीं।
उल्लेखनीय कार्य:
महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और शिक्षा के लिए पहल की।
राष्ट्रपति रहते हुए 35 मृत्युदंड के मामलों को आजीवन कारावास में बदला, जो एक रिकॉर्ड था।
विदेश यात्राओं के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंध मजबूत किए।
अपने कार्यकाल के दौरान समाज में महिलाओं के नेतृत्व को प्रोत्साहन देने वाली प्रतीक बनीं।
अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने प्रतिभा महिला सहकारी बैंक की स्थापना भी की थी, जो आगे चलकर महिला आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरणा बनी
2. द्रौपदी मुर्मू (2022–वर्तमान)
पहचान: भारत की वर्तमान और दूसरी महिला राष्ट्रपति, साथ ही पहली आदिवासी राष्ट्रपति।
जन्म: 20 जून 1958, मायूरभंज (ओडिशा)।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ीं; झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं।
उल्लेखनीय कार्य:
प्रधनमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ कर स्वास्थ्य सुधार पर जोर दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में जनजागरण, विशेषकर जनजातीय बालिकाओं की शिक्षा पर बल दिया।
जनजातीय परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण को लेकर सरकार के साथ कई योजनाएँ प्रारंभ कीं।
देशभर में विभिन्न राज्यों में कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन पर ध्यान केंद्रित किया।
2025 में अपने कार्यकाल के तीसरे वर्ष में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और महिला नेतृत्व से जुड़ी कई नई पहलों की शुरुआत की ।
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