टैरिफ विवाद पर राजनाथ बोले-कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं: परमानेंट इंटरेस्ट होता है; भारत किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी टैरिफ विवाद पर स्पष्ट कहा कि "कोई परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं होता, सिर्फ परमानेंट इंटरेस्ट (राष्ट्रीय हित) होते हैं" और भारत अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
राजनाथ सिंह के बयान के मुख्य बिंदु
अंतरराष्ट्रीय संबंध: राजनाथ सिंह ने NDTV डिफेंस समिट 2025 में कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत के लिए न कोई स्थायी दोस्त है, न कोई दुश्मन; भारत की प्राथमिकता सिर्फ राष्ट्रीय हित हैं।
टैरिफ विवाद: उन्होंने अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने का उल्लेख किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापार अब ‘युद्ध जैसी स्थिति’ में है, लेकिन भारत अपने नागरिकों, किसानों, छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और पशुपालकों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा।
आत्मनिर्भरता पर जोर: रक्षा मंत्री ने डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी हथियार प्रणालियों (जैसे कि सुदर्शन चक्र) के निर्माण का समर्थन किया, जिससे भारत रक्षा और आर्थिक रणनीति में आत्मनिर्भर बन सके।
अमेरिका व अन्य देशों को संदेश: उन्होंने कहा कि बदलते देशों के बीच दोस्ती या दुश्मनी स्थायी नहीं होती, भारत कभी किसी का शत्रु नहीं बनता, परन्तु अपने हितों पर कोई समझौता भी नहीं करता।
निष्कर्ष
राजनाथ सिंह का यह बयान दर्शाता है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि मानता है और वैश्विक दबाव या राजनीतिक परिवर्तनों के बावजूद अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। भारत ने स्पष्ट रूप से आत्मनिर्भरता और रणनीतिक मजबूती की दिशा में अपनी स्थिति को साफ किया है।

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